सरल लोलक तथा प्रत्यानयन बल basic contact details for SSC CGL gl and GD

आवर्ती गति - जब कोई पिंड इस प्रकार गति करें कि वह निश्चित समय बाद अपनी पूर्व स्थिति में आ जाए तथा फिर से उसी मार्ग पर गति करें तो पिंड की गति आवर्ती गति कहलाती है

दोलनी गति - जब कोई पिंड मध्य स्थिति में इधर-उधर समान पथ पर गति करता हुआ अपनी गति दोहराता है तो यह गति दोलनी गति कहलाती है जैसे झूला झूलती लड़की की गति 

सरल लोलक - वह समायोजन जिसमें धातु के छोटे भारी गोलक को एक हलके, न खींचने वाले पूर्णता लचकदार धागे से बांधकर एक दिन आधार से लटका दिया जाता है सरल लोलक कहलाता है

प्रभावी लंबाई - निलंबन बिंदु से गोलक के गुरुत्व केंद्र तक की दूरी प्रभावी लंबाई कल आती है

आयाम गोलक - मध्य स्थिति से प्रत्येक और जितनी अधिकतम दूरी तक जाता है उसे उसका आयाम कहते हैं

दोलन कॉल - पिंड का एक दोलन करने में लगा समय पिंड का दोलन काल कहलाता आता है

आवृत्ति- 1 सेकंड में पूर्ण किए गए दोलन की संख्या आवृत्ति कहलाती है

सेकंड लोलक - वह सरल लोलक जिसका आवर्तकाल 2 सेकंड है सेकंड लोलक कहलाता है

प्रत्यानयन बल - जब दोलन करते हुए किसी पिंड को उसकी शान स्थिति से थोड़ा सा विस्थापित कर दिया जाता है तू पिंड पर एक ऐसा आवर्ती बल कार्य करता है जो पिंड को मध्य स्थिति में लाने का प्रयास करता है, इस बल को प्रत्यानयन बल कहते हैं इस बल की दिशा मध्य स्थिति की ओर रहती है

सरल आवर्ती गति - जब कोई कारण अपनी मां की स्थिति के इधर उधर सरल रेखा में इस प्रकार गति करता है कि उसका किसी क्षण त्वरण उसके विस्थापन के अनुक्रमानुपाती हो तथा त्वरण की दिशा सदैव मध्य स्थिति की ओर हो तो कण की गति सरल आवर्ती गति कहलाती है उदाहरण स्प्रिंग से लटकी पिंड के दोलन सरल आवर्त गति का उदाहरण है लोलक का दोलन

एक दोलन - दोलनी गति में पिंड का अपनी मध्य स्थिति के एक और जाना फिर उसी स्थिति में लौट कर आना फिर दूसरी ओर जाना तथा पुनः उसी स्थिति में लौट कर अपना एक दोलन कहलाता है

Important  question this topic


प्रश्न लोलक का आवर्तकाल निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करता है
उत्तर लोलक की लंबाई पर
प्रश्न सेकंड लोलक का आवर्तकाल होता है
उत्तर दो सेकंड
प्रश्न सरल लोलक की लंबाई बढ़ाने पर आवर्तकाल
उत्तर बढ़ता है
प्रश्न यह किसी लोलक की लंबाई 4 गुनी कर दी जाए तो उसके आवर्तकाल हो जाएगा
उत्तर दोगुना
प्रश्न यदि लोलक घड़ी को खान में ले जाए तो वह उत्तर सुस्त हो जाएगी
प्रश्न सरल लोलक की लंबाई तथा आवर्तकाल के बीच ग्राफ होता है
उत्तर परवलयाकार
प्रश्न सरल लोलक को चंद्रमा पर ले जाने पर आवर्तकाल में परिवर्तन का कारण है
उत्तर चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण का मान कम होता है
प्रश्न सरल लोलक का आवर्तकाल निर्भर करता है उत्तर उस स्थान पर g के मान पर
प्रश्न घड़ी की सुइयों की गति होती है
उत्तर आवृत्ति गति
प्रश्न सरल लोलक में प्रत्यानयन बल सदैव लगता है उत्तर माध्य की स्थिति की ओर

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